दुनिया के सबसे चर्चित रैपर्स में से एक शॉन ‘डिडी’ कॉम्ब्स (Sean “Diddy” Combs) हाल ही में सुर्खियों में तब आए, जब अमेरिकी अदालत ने उन्हें यौन अपराध से जुड़े मामलों में दोषी ठहराया। कभी संगीत उद्योग के शिखर पर रहने वाले डिडी की कुल संपत्ति करीब 400 मिलियन डॉलर (करीब 33 अरब रुपये) आंकी जाती है। लेकिन अब यही रैपर जेल की सलाखों के पीछे हैं।
कौन हैं डिडी?
डिडी, जिन्हें पहले “Puff Daddy” और “P. Diddy” के नाम से जाना जाता था, अमेरिका के प्रसिद्ध संगीतकार, रैपर, और बिज़नेस टायकून हैं। उन्होंने अपने करियर में दर्जनों हिट गाने दिए और कई बार “ग्रैमी अवॉर्ड” भी जीते।
उनकी कंपनियाँ—Bad Boy Records, Sean John Clothing, और Cîroc Vodka Partnership—ने उन्हें करोड़ों डॉलर की संपत्ति दी। परंतु, यही रैपर अब अपने निजी जीवन के विवादों और आपराधिक मामलों के कारण चर्चा में हैं।
क्या है मामला?
अमेरिकी अदालत में डिडी पर कई गंभीर आरोप लगे थे। इनमें शामिल थे:
- Prostitution (यौन गतिविधियों के लिए लोगों को ले जाना)
- Sex Trafficking (यौन तस्करी)
- Racketeering (आपराधिक षड्यंत्र)
अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया कि डिडी ने अपने प्रभाव और संपत्ति का इस्तेमाल कर महिलाओं को सेक्स पार्टियों में शामिल होने के लिए दबाव डाला। कहा गया कि वे लोगों को एक राज्य से दूसरे राज्य ले जाते थे, ताकि उन्हें यौन कार्यों के लिए इस्तेमाल किया जा सके — जो अमेरिका के “Mann Act” के तहत गंभीर अपराध है।
अदालत में सुनवाई और फैसला
मामला महीनों तक अमेरिकी मीडिया की सुर्खियों में रहा। मुकदमे के दौरान जूरी ने अधिकांश गंभीर आरोपों से डिडी को बरी (निर्दोष) करार दिया, लेकिन दो आरोपों—prostitution से जुड़े counts—में उन्हें दोषी पाया गया। अभियोजकों ने अदालत से मांग की कि डिडी को 135 महीने (करीब 11 साल 3 महीने) की जेल दी जाए। उनका कहना था कि अपराध गंभीर था और आरोपी ने कभी पछतावा नहीं जताया।लेकिन बचाव पक्ष ने दलील दी कि डिडी ने पहले ही अपनी प्रतिष्ठा, व्यवसाय और करियर का बहुत नुकसान झेला है, इसलिए उन्हें कम सजा दी जानी चाहिए।
जज का फैसला
जज अरुण सुब्रमण्यम ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुनाया। उन्होंने माना कि अपराध गंभीर है, लेकिन अभियोजकों द्वारा मांगी गई 135 महीने की सजा “अनुचित रूप से अधिक” होगी। इसलिए अदालत ने उन्हें 50 महीने (4 साल 2 महीने) की सजा सुनाई। सजा में वह अवधि भी शामिल की गई जो उन्होंने पहले से जेल में बिताई थी। अदालत ने कहा,
“न्याय का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि सुधार का अवसर देना भी है।”
डिडी की सजा पूरी होने के बाद उन्हें सुपरवाइज्ड रिलीज़ (निगरानी में रिहाई) पर रखा जाएगा, यानी जेल से निकलने के बाद भी उन पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
इसके अलावा, अदालत ने उनके व्यापारिक खातों की जांच का आदेश दिया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उन्होंने अपने अपराधों से किसी तरह का वित्तीय लाभ तो नहीं उठाया।
