सूर्य और शिवा की एक्शन ड्रामा फिल्म “Kanguva” आज फाइनली सिनेमाघरों मे रिलीज हो गई है. फिल्म में बॉबी देओल और दिशा पटानी भी है अगर आप मूवी देखने की सोच रहे हैं तो यह रिव्यू पढ़ ले.

Kanguva की स्टोरी
बॉबी देओल और सूर्य की फिल्म कांगो रिलीज हो गई है फिल्म का निर्देशन शिवानी किया है Kanguva एक बिग बजट मूवी है जिसमें लगभग 350 करोड़ से ज्यादा के बजट में तैयार किया गया है यही नहीं फिल्म को साथ अलग-अलग देश में शूट किया गया है एक सीन तो 10000 लोगों के साथ किया गया था फिल्मों को लेकर लंबे समय से हाइप चल रही थी आज फिल्म रिलीज हो गई है
आईए जानते हैं कैसे बॉबी देओल की और सूर्य की फिल्म Kanguva की कहानी 2024 और 1070 के बीच की है कहानी दो दो और एक शब्द सूर्य की है फ़िल्म की कहानी हजार साल के अंतराल में फैली है कुछ-कुछ देवरा पार्ट वन जैसे पांच दीपों की कहानी है हजार साल पहले फिरंगी इन दीपों पर कब्जा करने आ रहे हैं और कब्ज शुरू करने से पहले इन दीपों को आपस में लड़ा रहे हैं एक दीप के राजा का बेटा का नाम है Kanguva जो कि फिल्म शुरू होने के आधे घंटे बाद पर्दे पर दिखता है जिसका मुकाबला एक ऐसे दीप के राजा उधीरन से होना है जहां अंतिम संस्कार के समय पूरा शरीर कौवो को सौंप देने की परंपरा है उधीरन के बेटे इस युद्ध में मारे जाते हैं उसका एक बेटा भी है जिसके बारे में ज्यादा किसी को पता नहीं इसे निर्देशक शिवा ने फिल्म के सरप्राइज के तौर पर रखा है

फिरंगियों का साथ देता है बॉबी देओल यहां पर उनकी टक्कर सूर्य से कहानी में नयापन नहीं है फिल्म के पहले 30 मिनट बहुत बोरिंग करती है लेकिन कहानी जैसे से सही पुराने दौर में पहुंचती है मजेदार हो जाती है
Kanguva में एक्टिंग
Kanguva एक्टिंग के मामले में शानदार है सूर्या डबल रोल में नजर आए हैं और Kanguva का रोल बहुत ही शानदार है जिस तरह से वह फ्रांसीसी और Kanguva के रोल में दिखाते हैं वह एकदम अलग-अलग लगते हैं Kanguva के किरदार की जो बारीकी उन्होंने पड़ी है वह हर किसी के बस की बात नहीं है अभिनेता सूर्या की तमिल के साथ-साथ हिंदी में भी सिनेमाघर में रिलीज हुई पहली है Kanguva. फिल्में बॉबी देओल ने भी अपना किरदार अच्छे से निभाया है लेकिन डायरेक्टर ने उन्हें ज्यादा कुछ करने के लिए नहीं दिया है दिशा पाटनी भी फिल्म में निराश करती और बोर भी.

Kanguva वर्डिक्ट
फिल्म को देखकर साफ लगता है कि कुछ सीन फिल्म खींचने के लिए डाले गए हैं क्योंकि पार्ट 2 भी तो आना है वैसे अगर देखा जाए तो फिल्म के दूसरे पार्ट की जरूरत ही नहीं दिखती कहानी को एक ही बार में दिखाया जा सकता था दो पार्ट के चक्कर में फिल्म लंबी लगती है और सूर्या की शानदार एक्टिंग पर पानी फेर देती है फिल्में अगर दिशा पाटनी की जगह बॉबी देओल को स्क्रीन टाइम ज्यादा मिलता तो बेहतर होता वैसे फिल्म एक बार देखी जा सकती है.